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आज फिर अंधड़ चला, पेड़ की डाली गयी
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आज फिर अंधड़ चला, पेड़ की डाली गयी

आज फिर अंधड़ चला, पेड़ की डाली गयी,वक्त ने जो भी थी मुमकिन, चाल हर टेढ़ी चली,बाखुदा जुल्मी की हर चाल तिरछी, पर मगर खाली गयी।वक्त कहता , टूट जा...बिखर भी जा,पर मेरे होठों से…

हिंदी कहानी : मेमू अंश-1
कहानियाँ किस्से कारनामे कहानी

हिंदी कहानी : मेमू अंश-1

जंगल शांत था। रात ने अपने अंधेरे का आँचल ओढ़ाकर मानो संसार को अपनी गोद में सुला लिया था। कभी-कभी. उल्लू या सियार कीआवाज सुनकर जंगल जैसे हल्का सा कुनमुनाता और फिर से शांति की…

हिंदी कहानी : मेमू अंश-2
किस्से कारनामे कहानी

हिंदी कहानी : मेमू अंश-2

मेमू अंश-1 पेड़ से बंधी रस्सी से, खुद को आज़ाद करने के लिए, मेमू पूरी ताकत से रस्सी पर जूझ गया। रस्सी के रेशों ने मेमू की गर्दन को जहाँ-तहाँ से छील दिया। मेमू की…

हिन्दी कहानी : वृक्ष-देवता /भाग 1 (कुल भाग 3)
किस्से कारनामे कहानी

हिन्दी कहानी : वृक्ष-देवता /भाग 1 (कुल भाग 3)

कहीं दूर एक गाँव था। गाँव के बाहर जंगल में था, एक छोटा सा पेड़। कमजोर सा, छोटे-छोटे पत्तों और टहनियों वाला। आस-पास के बड़े पेड़ शायद उसके हिस्से का पानी और भोजन भी खुद…